Monday, September 7, 2015

Jagat ke rang kya dekhun - जगत के रंग क्या देखूँ

जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी है।
करूं मैं प्यार किस किससे, तेरा एक प्यार काफी है।

नही चाहिए ये दुनिया के, निराले रंग ढंग मुझको-2
निराले रंग ढंग मुझको-2
चली आऊ मैं तेरे दर, तेरा दरबार काफी है-2
जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी है।
करूं मैं प्यार किस किससे, तेरा एक प्यार काफी है।

जगत के साज बाजो से, हुए है कान अब बहरे-2
हुए है कान अब बहरे-2
कहाँ जा के सुनु अनहत, तेरी झंकार काफी है-2
जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी है।
करूं मैं प्यार किस किससे, तेरा एक प्यार काफी है।

जगत के रिश्तेदारों ने, बिछाया जाल माया का-2
बिछाया जाल माया का-2
तेरे भक्तो से हो प्रीती, तेरा परिवार काफी है-2
जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी है।
करूं मैं प्यार किस किससे, तेरा एक प्यार काफी है।

जगत की झूटी रोशनि से, हैं आँखे भर गयी मेरी-2
हैं आंखे भर गयी मेरी-2
तेरी आँखों में हरदम तेरा चंकार काफी है-2
जगत के रंग क्या देखूँ, तेरा दीदार काफी है।
करूं मैं प्यार किस किससे, तेरा एक प्यार काफी है।
तेरा एक प्यार काफी है-2
तेरा दीदार काफी है -2

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