Monday, September 7, 2015

Krishan Govind Govind Gopal Nandlal - कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाल नन्दलाल

कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाल नन्दलाल,
कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाल नन्दलाल । -4
हे गोपाल नन्दलाल हे गोपाल नन्दलाल, 
गोपाल नन्दलाल हे गोपाल नन्दलाल। -4
कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाल नन्दलाल,
कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाल नन्दलाल। -2

हम प्रेम नगर की बंजारन.....
हम प्रेम नगर की बंजारन, 
जप तप और साधन क्या जाने।
जप तप और साधन क्या जाने।।

हम स्याम के नाम की दीवानी,
ब्रत नेम का बंधन क्या जाने।

हम ब्रज की भोली ग्वालिनियाँ....
हम ब्रज की भोली ग्वालिनियाँ,
ब्रम्ह ज्ञान की उलझन क्या जाने।
ब्रम्ह ज्ञान की उलझन क्या जाने।।

ये प्रेम की बातें है उद्धव....
ये प्रेम की बातें है उद्धव,
कोई क्या समझे कोई क्या जाने।
मेरे और मोहन की बातें, 
या मै जानू या ओ जाने।

हे गोविन्द......

हे गोपाल.....हे गोपाल

मैंने स्याम सुंदर संग प्रीत करी....
मैंने स्याम सुंदर संग प्रीत करी,
जग में बदनाम मै होय गयी।
कोई एक कहे कोई लाख कहे,
जो होनी थी सो तो होय गयी।

कोई साच कहे कोई झूठ कहे,
मै तो स्याम पिया की होय गयी।
मीरा के प्रभु कबरे मिलोगे,
मै तो दासी तुम्हारी होय गयी।।

कृष्ण गोविन्द गोविन्द गोपाल नंदलाल,
हे गोपाल नन्दलाल हे गोपाल नन्दलाल,
हे गोपाल नन्दलाल हे गोपाल नन्दलाल।

गोपाल राधे कृष्ण गोविन्द गोविन्द-2
कृष्ण गोविन्द गोविन्द कृष्ण गोविन्द गोविन्द-2
गोपाल राधे कृष्ण गोविन्द गोविन्द-4

हे गोपाल हे गोपाल.......

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