Friday, September 6, 2013

Gaiye Ganpati Jagvandan - गाइये गणपति जगवंदन (विनय पत्रिका)

गाइये गणपति जगवंदन,
शंकर सुअन नन्दन । 
सिद्धि सदन गजवदन विनायक,
कृपासिंधु सुन्दर सबलायक ॥ 

मोदक प्रिय मुदमंगल दाता,
विद्द्यावारिधी बुद्धि विधाता । 
मागत तुलसिदास कर जोरे,
बसहि रामसिय मानस मोरे ॥ १॥ 
विनय पत्रिका (प्रथम पद)
(गोस्वामी तुलसीदास रचित )

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