कृष्णा.............~
कृष्णा.............~
हरे कृष्णा........~
हरे...
हरे...।
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वाशुदेव-2
पितु
मात स्वामी सखा हमारे-2
हे नाथ नारायण वाशुदेव-2
बंदीगृह के तुम
अवतारी,
कहिं जन्मे कहीं पले मुरारी।
किसी के साये किसी के सहाये,
है
अद्भुत हर बात तिहारी-2
गोकुल में चमके मथुरा के तारे-2
हे नाथ नारायण
वाशुदेव।
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ नारायण वाशुदेव।
अधर पे
वंशी हृदय में राधे,
बट गये दोनों में आधे आधे।
हे राधा नागर, हे भक्त
वत्सल
सदैव भक्तो के काम साधे-2
वहीं गये, वही गये
वहीं गये जहाँ गये
पुकारे,
हे नाथ नारायण वाशुदेव।
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी,
हे नाथ
नारायण वाशुदेव।
राधे कृष्णा राधे कृष्णा
राधे राधे कृष्णा
कृष्णा-१२
कृष्णा.............~
कृष्णा.............~
हरे
कृष्णा........~
हरे... हरे...।
-(श्री रवीन्द्र जैन )
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